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Tuesday, 7 June 2016

FSSAI के दबाव के बाद बैकफुट पर पतंजलि, बदलेगी सरसों तेल का विज्ञापन



नई दिल्ली. दूसरी कंपनियों के सरसों तेल को अपने विज्ञापन के जनिए नुकसानदायक और मिलावटी बताने वाली पतंजलि आयुर्वेद अब बैकफुट पर आ गई है। अपने दावे को साबित नहींं कर पाई पतंजलि अब फूड रेग्‍युलेटर के दबाव में विज्ञापन वापस लेने की तैयारी में है। moneybhaskar.com को मिली एक्‍सीक्‍लुसिव जानकारी के अनुसार, पतंजलि अपने सरसों तेल का विज्ञापन बदलने को तैयार है। हालांकि, उसे अभी तक
फूड रेगुलेटर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। पतंजलि के सरसों तेल के विज्ञापन की शिकायत एडिबल ऑयल कंपनियों ने एफएसएसएआई में की थी।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ने दिया तूल: पतंजलि
- पतंजलि आयुर्वेद के स्‍पोक्‍सपर्सन एसके तिजारवाला ने moneybhaskar.com को बताया कि सरसों तेल के विज्ञापन को लेकर एफएसएसएआई को पहले तो कोई आपत्ति नहीं थी।
- मामले को एडिबल ऑयल कंपनियों की संस्था सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ने तूल दे दिया।
- इसके बाद ही एफएसएसएआई ने लाइसेंसिंग अथॉरिटी से कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है। फिलहाल हमें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है।
पतंजलि को देंगे एक मौका: एफएसएसएआई
- एफएसएसआईए के इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट के डायरेक्‍टर आरसी शर्मा ने moneybhaskar.com को बताया कि इस मामले में पतंजलि को अपना पक्ष रखने का एक मौका मिलेगा। उनकी ओर से जवाब का इंतजार किया जाएगा।
- अगर विचार करने के बाद जवाब संतोषजनक नहीं होगा तो कार्रवाई आगे बढ़ेगी। यहां तक कि प्रोडक्ट बनाने का लाइसेंस भी कैंसल हो सकता है।
क्या है इस विवादित विज्ञापन का मामला
- विवाद पतंजलि के सरसों के तेल के विज्ञापन पर है, जिसमें कहा गया है कि कुछ तेल बनाने वाली कंपनियां कच्ची घानी के लिए न्यूरोटॉक्सिक हेक्सागॉन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्रॉसेस का इस्तेमाल करती हैं।
- हेक्सॉन को सेहत के लिहाज से खतरनाक बताया गया है। वहीं कुछ कंपनियां सरसों का तेल बनाने में सस्ते पाम ऑयल का इस्तेमाल करती हैं।
- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन का कहना है कि यह विज्ञापन भ्रामक है, इससे दूसरी कंपनियों की साख पर असर पड़ सकता है।
कैसे मामला पहुंचा फूड रेगुलेटर के पास
- एसईए ने इस मामले में पतंजलि से विज्ञापन वापस लेने को कहा था। जब पतंजलि की ओर से रिस्पांस नहीं मिला तो एसईए ने एफएसएसआईए और स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया में शिकायत की।
- शिकायत में विज्ञापन के बारे में कहा गया कि यह लोगों को मिसगाइड कर रहा है। इसके बाद एफएसएसएआई ने लाइसेंसिंग अथॉरिटी से नोटिस भेजने को कहा है। 

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