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Friday, 10 June 2016

आईटी कंपनियों में भी बना सकते हैं ट्रेड यूनियन: तमिलनाडु सरकार

चेन्नै
तमिलनाडु में आईटी कंपनियों ने अपने 4.5 लाख कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन से अछूता रखा है। एक लेबर यूनियन द्वारा डाली गई याचिका के जवाब में प्रदेश सरकार ने कहा है कि सॉफ्टवेयर कंपनियों के कर्मचारियों को भी यूनियन बनाने का अधिकार है।पुठिया जननयगा थोजहिलालर मुन्नानी द्वारा डाली गई याचिका के
जवाब में प्रदेश के श्रम सचिव कुमार जयंत ने लिखा, 'आईटी कंपनियों के कर्मचारी भी औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के प्रावधानों के तहत ट्रेड यूनियन का गठन कर शिकायतों का निवारण कर सकते हैं। आईटी कर्मचारियों की कोई भी ट्रेड यूनियन, अधिनियम की धारा 2 (के) के तहत औद्योगिक विवादों को उठा सकती है तथा उसके उपाय तलाश सकती है।'

आईटी क्षेत्र इसे एक प्रतिगामी संकेत के रूप में देखता है, जबकि यूनियन इसे कर्मचारी अधिकारों की अभिस्वीकृति के रूप में देखते हैं। वहीं ट्रेड यूनियन का गठन करना एक संवैधानिक अधिकार है।

पिछले माह, खराब प्रदर्शन के नाम पर एचसीएल टेक्नॉलजीज के एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर की बर्खास्तगी को मद्रास हाईकोर्ट ने निरस्त कर कर दिया था। कंपनी की आपत्तियों को खारिज करते हुए जज ने कहा था कि सॉफ्टवेयर इंजिनियर वास्तव में एक वर्कमैन था। औद्योगिक विवाद अधिनियम के मुताबिक 'वर्कमैन' वह व्यक्ति होता है जो किसी इंडस्ट्री में स्किल्ड, अनस्किल्ड, टेक्निकल, लिप्क अथवा सुपरवाइजर के रूप में काम करता है।

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