Pages

Follow by Email

Wednesday, 8 June 2016

भारत-अमेरिका अब कर सकेंगे एक दूसरे के सैन्य तंत्र का इस्तेमाल

पीएम नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज सपोर्ट मेमोरैंडम ऑफ एग्रीमेंट (लेमोआ) समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। समझौते के तहत दोनों देश जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के सैन्य-तंत्र का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर कर सकेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस में मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक में संयुक्त बयान जारी 
कर इस ऐतिहासिक लेमोआ समझौते पर सहमति की घोषणा की गयी। दोनों नेताओं ने लेमोआ समझौते को अंतिम रूप देने का स्वागत किया है।अमेरिका के रक्षा मंत्री एशटन कार्टर के गत अप्रैल में भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों की ओर से लेमोआ समझौते के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी थी।  रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पिछले महीने इसके संकेत दिये थे कि लेमोआ समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की ओर से इस मुद्दे पर की जा रही बातचीत से यह पूरी तरह अलग है। अमेरिका ने भारत को एक बड़ा रक्षा साझीदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की मजबूती से वैश्विक स्तर पर इसे स्थायित्व मिलेगा।  संयुक्त बयान में कहा गया कि अमेरिका भारत को एक करीबी सहयोगी तथा साझेदार की तरह तकनीक साझा करने में लगातार सहयोग करता रहेगा। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जतायी कि भारत मुक्त रूप से तकनीकों का आदान प्रदान कर सकता है। बयान में कहा गया है कि भारत की महत्वाकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ को सफल बनाने के लिए अमेरिका पूरी तरह सहयोग करेगा। अमेरिका ने भारत में स्थापित किये जाने वाले रक्षा उद्योगों को विकसित करने के लिए तकनीक के साथ अन्य प्रकार का भी सहयोग देने पर सहमति जतायी है। दोनों नेताओं ने सुरक्षा मुद्दे पर समन्वय बनाने के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग करने पर भी सहमत हुए, जिसमें रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल (डीटीटीआई) के तहत‘मेक इन इंडिया’कार्यक्रम में अमेरिकी कंपनियां भागीदारी करेंगी।दोनों नेताओं ने नये डीटीटीआई की स्थापना का स्वागत करते हुए नौसेना, वायुसेना तथा अन्य हथियारों को डीटीटीआई के तहत विकसित करने पर सहमति जतायी है। वायुयान वाहक तकनीक सहयोग के लिए संयुक्त संचालन समूह को अंतिम रूप देने की घोषणा की।

No comments:

Post a Comment


This free script provided by
JavaScript Kit

Follow by Email