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Friday, 3 June 2016

वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने हेतु भारत और अमेरिका के सहमति ज्ञापन को मंत्रिमंडल की मंजूरी


को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और वन्य जीवों की तस्करी से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के मध्य सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी प्रदान की. इस मंजूरी से भारत वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव क्षेत्रों के प्रबंधन तथा वन्यजीवों और उनसे बनने वाले उत्पादों के अवैध कारोबार से निपटने से जुड़े अमेरिकी संस्थानों की विशेषज्ञता से लाभान्वित होंगे.

समझौते के लाभ
वन्यजीव फॉरेन्सिक और संरक्षण जेनेटिक्स : प्रजातियों के संरक्षण के प्रयासों और वन्यजीव अपराधों के मामलों में बेहतर वैज्ञानिक प्रमाण संग्रहण में उपयोगी है, जिससे बेहतर अमल का मार्ग प्रशस्त होगा.
प्राकृतिक विश्व धरोहर संरक्षण: भारतीय वन्यजीव संस्थान के मौजूदा यूनेस्को श्रेणी-2 केंद्र की संस्थागत क्षमता को सुगम बनाया जा सकेगा.
प्रकृति की विवेचना और संरक्षण के प्रति जागरुकता: इससे जैव विविधता के संरक्षण संबंधी जटिल मामलों को समझकर जनता, विशेषकर युवाओं और बच्चों को संवेदनशील बनाने हेतु वन प्रबंधकों का जनता के साथ तालमेल मजबूत बन सकेगा.
पृष्ठभूमि
भारत और अमेरिका समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर से संपन्न रहे हैं और उन्होंने अपने-अपने यहां संरक्षित क्षेत्रों का एक नेटवर्क स्थापित किया है. वन्यजीव सरंक्षण से जुड़ी प्राथमिक समस्याओं को निपटाने हेतु दोनों देशों के पास अपनी व्यवसायिक कुशलता को साझा करने की संभावनाएं मौजूद हैं, ऐसे में यह सहमति ज्ञापन सहयोग का सुविधाजनक मंच उपलब्ध कराएगा.

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