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Thursday, 9 June 2016

भारतीय मूल के प्रोफेसर लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य क्वीन द्वारा सम्मानित


वारविक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप (डब्ल्यूएमजी) के संस्थापक प्रोफेसर लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य को 7 जून 2016 को क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा रेजियस प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया.   

कुमार भट्टाचार्य

•    वे भारतीय ब्रिटिश इंजिनियर, शिक्षाविद एवं सरकारी सलाहकार हैं.
•    वर्ष 1980 में वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ वारविक में मैन्युफेक्चरिंग सिस्टम्स के प्रोफेसर बने तथा उन्होंने वारविक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप की स्थापना की.
•    उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की.
•    वे 1960 के दशक में ब्रिटेन चले गये जहां उन्होंने लुकास इंडस्ट्रीज में छह वर्ष तक कार्य किया.
•    उन्होंने बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से एमएससी तथा इंजीनियरिंग प्रोडक्शन में पीएचडी डिग्री प्राप्त की.
•    वर्ष 1997 में उन्हें आर्डर ऑफ़ ब्रिटिश एम्पायर से सम्मानित किया गया तथा 2003 में नाईट की उपाधि दी गयी.
•    उन्हें 3 जून 2004 को काउंटी ऑफ़ वेस्ट मिडलैंड में लाइफ पियर बनाया गया.
•    वे हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में लेबर बेंच देखते हैं.
•    2014 में वे फेलो ऑफ़ रॉयल सोसाइटी चुने गये.
रेजियस प्रोफेसरशिप
•    इस प्रोफेसर को रॉयल अधिकार एवं सम्मान प्राप्त होता है.
•    अकादमिक करियर में उन्हें विशेष प्रतिष्ठा दी जाती है.
•    पहली रेजियस प्रोफेसरशिप मेडिसिन क्षेत्र में दी गयी थी. इसकी स्थापना स्कॉटिश किंग जेम्स चतुर्ध द्वारा 1497 में की गयी.
•    ग्लासगो यूनिवर्सिटी में सबसे अधिक रेजियस प्रोफेसर कार्यरत हैं.

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