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Wednesday, 8 June 2016

'इस्तीफा दिया' : कर्नाटक पुलिस की डीएसपी के फेसबुक पोस्ट से मचा हंगामा


बेंगलुरू: कर्नाटक के मंत्री पीटी परमेश्वर नायक के फोन को होल्ड पर रखने के लिए इसी साल तबादला झेल चुकीं कर्नाटक की पुलिस अधिकारी अनुपमा शेनॉय के अब सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर डाले गए तीन शब्द के 'नए' परिचय ने हंगामा खड़ा कर दिया है। इस पोस्ट में लिखा गया है - रिज़ाइन्ड एंड जॉबलेस (इस्तीफा दे दिया है, और बेरोज़गार हूं), और इसी के साथ अनुपमा ने मुस्कुराता हुआ स्माइली भी बनाया है।
हालांकि इस पर टिप्पणी करने या इस पोस्ट की वजह बताने के लिए अनुपमा शेनॉय उपलब्ध नहीं हुई हैं, लेकिन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अनुपमा द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले की वजहों को लेकर अपने संदेह सार्वजनिक करने शुरू कर दिए हैं।
अनुपमा की प्रतिबद्धता मंत्री की राह का रोड़ा : बीजेपी नेता
वरिष्ठ बीजेपी नेता सुरेश कुमार ने कहा है, "अनुपमा को अपनी प्रतिबद्धता तथा कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है... मुझे लगता है कि उनकी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता ही मंत्री पीटी परमेश्वर नायक के लिए रोड़ा बन गई..."
उन्होंने कहा कि दो महीने पहले मंत्री ने अधिकारी के लिए दिक्कतें पैदा की थीं। सुरेश कुमार ने यह भी कहा, "...और अब अचानक उन्होंने (अनुपमा ने) इस्तीफा दे दिया है, और ऐसा पोस्ट कर रही हैं, जिससे संकेत मिलता है कि उन्हें राजनैतिक दबाव के चलते इस्तीफा देना पड़ा... मुझे लगता है कि इस सरकार को एक कर्मठ और प्रतिबद्द अफसर का साथ देना चाहिए था..."
जनवरी में हुआ था तबादला...
बेल्लारी जिले के कुडलिगी में डिप्टी सुपरिन्टेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) के रूप में तैनाती के दौरान जनवरी में अनुपमा ने मंत्री की फोन कॉल को होल्ड पर रख दिया था, जिसकी वजह से मंत्री, जो इसी इलाके के विधायक भी हैं, नाराज़ हो गए थे। बाद में, मंत्री पीटी परमेश्वर नायक को कैमरे पर अनुपमा का तबादला करवा देने के बारे में बातें करते कैद किया गया। काफी हंगामे के बाद फरवरी में अनुपमा को बहाल कर दिया गया।
मुझे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि उन्होंने इस्तीफे के बारे में सुना है, लेकिन उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। बेंगलुरू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिद्धारमैया ने कहा, "अधिकारी मामले को देख रहे हैं... मुझे इसके बारे में पता नहीं है... वे (अधिकारी) कहते हैं, उन्होंने (अनुपमा ने) इस्तीफा भेज दिया है, वह डीजी (पुलिस महानिदेशक) के पास पहुंच गया है, वही इसके बारे में देखेंगे..."
वैसे, पुलिस बल के भीतर भी अनुपमा के इस्तीफे को लेकर अटकलें जारी हैं। 35 साल तक पुलिस सेवा में रहने के बाद इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद से रिटायर हुए गोपाल होसुर ने NDTV को बताया कि उन्हें इस ख़बर से काफी हैरानी हुई है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दबाव के मामलों में भी अफसर का कर्तव्य होता है कि उसका विरोध करे, उसके खिलाफ आवाज़ उठाए। उन्होंने कहा, "यह हमेशा किया जा सकता है... अगर वरिष्ठ अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो वह खुद भी कानून का पालन करवा सकती थीं..."

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