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Thursday, 9 June 2016

अब छोटे करोबारियों के पास नहीं जाएगा लेबर इंस्‍पेक्‍टर


नई दिल्‍ली। सरकार ने छोटे कारोबारियों के लिए कारोबार करना और आसान कर दिया है। इसके लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार के श्रम मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि तीन साल तक कोई भी लेबर, ईएसआई या पीएफ इंस्‍पेक्‍टर माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) के परिसर में इंस्‍पेक्‍शन के लिए नहीं जाएगा। श्रम मंत्रालय ने इससे पहले स्‍टार्ट-अप्‍स के लिए ऐसे ही निर्देश जारी किए थे।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने एमएसएमई को लेबर-लॉ के कई प्रावधानों से छूट देने का निर्णय लिया है, इनमें कॉन्‍ट्रेक्‍ट लेबर एक्‍ट, इम्‍पलॉयज स्‍टेट इंश्‍योरेंस एक्‍ट, ट्रेड यूनियन एक्‍ट, इम्‍पलॉयज प्रोविडेंट फंड, इंडस्ट्रियल डिस्‍पियूट एक्‍ट आदि शामिल है। इसका मकसद नए एंटरप्रिन्‍योर्स को बढ़ावा देना है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया मुहिम को आगे बढ़ाया जा सके।
स्‍टार्ट-अप्‍स की तर्ज पर मिली छूट
श्रम मंत्रालय का कहना है कि जनवरी में ही स्‍टार्ट-अप्‍स के लिए इस तरह के निर्देश जारी किए गए थे। तब से ही यह एमएसएमई संगठन यह मांग कर रहे थे कि इस तरह के कदम छोटे कारोबारियों के लिए भी उठाए जाएं। इस पर विचार-विमर्श के बाद एमएसएमई सेक्‍टर को भी छूट देने का निर्णय लिया गया।
सर्कुलर किया जारी
मंत्रालय ने सभी संबंधित विभागों, जैसे- ईएसआईसी, ईपीएफओ को अपने इस निर्णय से अवगत कराने के लिए सर्कुलर जारी कर दिया है और कहा है कि जो कारोबार शुरू हुए अभी तीन साल पूरे नहीं हुए हैं, वहां इंस्‍पेक्‍शन न किया जाए।
सेल्‍फ सर्टिफिकेशन देना होगा
मंत्रालय ने अपने सर्कुलर में कहा है कि तीन साल तक एमएसएमई को हर साल सेल्‍फ सर्टिफिकेट देकर यह बताना होगा कि वे सभी एक्‍ट का पालन कर रहे हैं। सेल्‍फ सर्टिफिकेशन की व्‍यवस्‍था स्‍टार्ट अप्‍स के लिए भी की गई है। 

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