Pages

Follow by Email

Friday, 10 June 2016

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2016-17 सीजन के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी

रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 1 जून  2016 को 2016-17 सीजन के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी.ये मूल्य 1 अक्टूबर 2016 से लागू हो जाएंगे. उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को सुनिश्चित पारिश्रमिक के माध्यम से निवेश और उत्पादन को बढ़ाएगा.मंजूर किया गया एमएसपी कृषि लागत और मूल्यों  पर बने आयोग
(सीएसीपी) के सिफारिशों पर आधारित है जिसमें अन्य बातों के अलावा उत्पादन लागत, कुल मांग-आपूर्ति को ध्यान में रखा गया था.

सीएसीपी की अनुशंसाओं के अलावा सीसीईए ने खरीफ दालों जैसे अरहर, उड़द और मूंग के लिए 425 रुपये प्रति क्विंटल, तिल के लिए प्रति क्विंटल 200 रुपये और छिलके वाली मूंगफली, सूर्यमुखी के बीज, सोयाबीन और नाइजरसीड जैसे खरीफ तिलहन के प्रति क्विंटल पर 100 रुपये का बोनस देने का भी फैसला किया है.

इससे किसानों को रकबा बढ़ाने और दालों एवं तिलहन की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए निवेश हेतु मजबूत मूल्य संकेत देने की उम्मीद है.


कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) के बारे में

• यह केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है जो जनवरी 1965 में अस्तित्व में आया था.

• यह भारत में उभरती मांग पैटर्न को देखते हुए आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने और उत्पादकता एवं समग्र खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की अनुशंसा करता है.

• सीएसीपी प्रत्येक वर्ष मूल्य नीति रिपोर्ट के रूप में सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपता है. ये अनुशंसाएं पांच समूहों-खरीफ, रबी, गन्ना, कच्चा जूट और नारियल के लिए अलग-अलग होता है.


No comments:

Post a Comment


This free script provided by
JavaScript Kit

Follow by Email