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Friday, 3 June 2016

2015 में आतंकी हमलों में आई कमी, भारत समेत 5 देशों में 55% हमले


एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि विश्वभर में 2015 में हुए आतंकवादी हमलों में से आधे से अधिक हमले भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान समेत पांच देशों में हुए। आतंकवाद रोधी अभियान मामलों के कार्यवाहक अमेरिकी समन्वयक जस्टिन सिबेरेल ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, सभी हमलों में से 55 प्रतिशत से अधिक हमले पांच देशों- भारत, पाकिस्तान, इराक, अफगानिस्तान और नाइजीरिया में हुए। सिबेरेल ने कहा,
आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों में से 75 प्रतिशत लोग पाकिस्तान, इराक, अफगानिस्तान, नाइजीरिया और सीरिया के हैं। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े मैरीलैंड विश्वविद्यालय द्वारा संकलित डेटा पर आधारित हैं। वर्ष 2015 में 92 देशों में आतंकवादी हमले हुए। वे पिछले सात वर्षों की तरह भौगोलिक दष्टि से काफी केंद्रित हैं। सिबेरेल ने वार्षिक कंट्री रिपोटर्स ऑन टेररिज्म जारी करते हुए कहा कि वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2015 में आतंकवादी हमलों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई है। अधिकारी ने कहा, आतंकवादी हमलों में मरने वालों की संख्या में 14 प्रतिशत गिरावट आई है। यह मुख्य रूप से इराक, पाकिस्तान एवं नाइजीरिया में हमले और मृतक संख्या कम होने के कारण हुआ है। वर्ष 2012 से पहली बार कुल आतंकवादी हमलों और इससे मरने वालों की संख्या में गिरावट आई है। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, सीरिया और तुर्की समेत ऐसे भी कई देश हैं, जहां वर्ष 2015 में आतंकवादी हमले और कुल मृतक संख्या बढ़ी है। सिबेरेल ने कहा, आईएसआईएल (आईएसआईएस) वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा आतंकवादी खतरा बना हुआ है। पिछले साल कई जगह मिली हार के बावजूद आईएसआईएल का इराक और सीरिया में बड़े इलाकों पर कब्जा है। उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि वर्ष 2015 में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों की संख्या में वर्ष 2014 की तुलना में कमी आई है। पाकिस्तान के लिए वर्ष 2014 मुख्य रूप से हिंसक वर्ष रहा था। सिबेरेल ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने कई आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ एक अहम साझेदार है और पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों से निपटने की आवश्यकता के मद्देनजर हम पाकिस्तान सरकार से वार्ता कर रहे हैं। पाकिस्तान दक्षिण एशिया क्षेत्र में आतंकवाद का सामना करने में अहम साझेदार रहेगा।

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