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Monday, 6 June 2016

भारतीय नौसेना ने अपने बजट के 1.5 प्रतिशत हिस्‍से का इस्‍तेमाल नवीकरणीय ऊर्जा उत्‍सर्जन के लिए करने का संकल्‍प लिया


भारतीय नौसेना के हरित पहल कार्यक्रम ने आज विश्‍व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दो वर्ष पूरे करे लिये हैं। इस अवधि के दौरान नौसेना द्वारा समग्र रूप से कार्बन अवशेषों को कम करने की दिशा में काफी प्रयास किये गये। एक उत्‍तरदायी और बहुआयामी सेना होने के नाते भारतीय नौसेना सभी प्रकार के समेकित और स्‍थायी विकास में विश्‍वास रखती है। तदनुसार भारतीय नौसेना ने न केवल ऊर्जा और पर्यावरण पर पड़ने वाले
अपने दुष्‍प्रभाव में सुधार किया है, बल्कि समस्‍या की जड़ को हल करने का भी प्रसास किया है। पर्यावरण उपायों पर नौसेना के क्रियान्वयन की निगरानी हेतु 16 जनवरी को नौसेना मुख्‍यालय पर ऊर्जा और पर्यावरण प्रकोष्ठ की स्‍थापना इस दिशा में एक ठोस कदम था। यह प्रकोष्‍ठ नीले सागर की गतिविधियों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की नौसेना की परिकल्‍पना और नौसेना को पर्यावरण के प्रति एक उत्‍तरदायी सेना बनाने का काम करता आया है। नौसेना की ऊर्जा और पर्यावरण नीति को मुख्‍य रूप तीन बिन्‍दुओं - ऊर्जा संरक्षरण, उर्जा आपूर्ति का विविधिकरण और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव में कमी के रूप में समझा जा सकता है। नौसेना ने अग्रणी ऊर्जा से युक्‍त नये प्रणालियों के इस्‍तेमाल को अनिवार्य बना दिया है। यह प्रणालियां गहन ऊर्जा से युक्‍त और ऊर्जा और इधन के इस्‍तेमाल की दिशा में कम कार्बन उत्‍सर्जन करती है। ऊर्जा/पर्यावरण संरक्षण को जिंदगी का एक हिससा बनाने और नौसेना कर्मियों को इसके प्रति शिक्षित करने और संवेदशील बनाने के लिए बृहद ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियान को नियमित रूप से सभी कमांडों और रिपेयर यार्ड पर आयोजित किया जाता है। नौसेना अधिकारियों की बढ़ी जागरूकता के अलावा, इससे वार्षिक लगभग 12 करोड़ रूपये की बजत होती हैा नौसेना अड्डे को दुरूस्‍त करने के प्रयासों को एक माडॅल कनज्‍यूमर के रूप में सामने आया है और इसे राज्‍य विद्युत बोर्ड ने इस कार्य की प्रशंसा की है।नौसेना ने 21 मेगावाट सोलर पीवी स्थापित करने का लक्ष्य रखा है जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। यह प्रयास 2022 तक 100 गिगावाट सोलन पीवी स्‍थापित करने के मेगावाट से गिगा वाट के राष्‍ट्रीय मिशन के अनुरूप है। भारतीय नौसेना ने अपने बजट के 1.5 प्रतिशत हिस्‍से का इस्‍तेमाल अक्ष्‍ाय ऊर्जा के निर्माण के लिए करने का संकल्‍प लिया है। इस योजना के अंतर्गत सभी कमांडो के विभिन्‍न नौसेना स्‍टेशनों पर सोलर पीवी परियोजनाएं चलाई जा रही है। जिन नौसेना स्‍टेशनो के पास पर्याप्‍त भूमि नहीं है वह छतों पर सोलर पी वी पैनल लगवा रहे है। देश में नवीकरणीय उर्जा में सौर और वायु उर्जा की प्रधानता है नौसेना समुद्र से नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्‍त करने की संभावनओं का विस्‍तार भी कर रही है और इस दिशा में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों और एमएनआरई के साथ विचार विमर्श जारी है। 

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