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Friday, 20 May 2016

लिविंग लाइब्रेरी : एक ऐसी परियोजना जो विस्थापितों और समुदायों को एक साथ लाने में मदद करती है


लिविंग लाइब्रेरी : यूएनडीपी की परियोजना जो युक्रेन में विस्थापितों के बयान को "किताबों" में बदलती है.
मई 2016 में परियोजना लिविंग लाइब्रेरी सुर्खियों में रहा. यह संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की यूक्रेन में विस्थापितों के लिए एक परियोजना है. इस परियोजना के तहत विस्थापितों के बयान को किताबों का रूप दिया जाता है और इसलिए इसे लिविंग लाइब्रेरी कहते हैं.
लिविंग लाइब्रेरी परियोजना की मुख्य विशेषताएं
• लक्ष्यः इसका उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे के साथ थोड़ा अधिक सहज महसूस करे, के साथ शुरुआत करना है. यह यूक्रेन के अलग-अलग समुदायों के विस्थापित लोगों की चिकित्सीय कहानियों की मेजबानी करता है.
• यह विस्थापित लोगों की कहानियां मुहैया कराता है. उन्हें रिकॉर्ड करता है और एक पुस्तकालय में लाता है जहां दूसरे लोग उस पर विचार-विमर्श कर सकते हैं.
• यह यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में समुदायों के बीच बातचीत एवं सुलह को बढ़ावा देने के लिए समर्थन मुहैया कराता है.
• डोनेट्स्क और लुहानस्क समेत इसमें देशभर के अलग-अलग समुदायों से ली गई कहानियां हैं.
• अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और वार्ता (MediatEUr) के लिए परियोजना को यूरोपीय फोरम के साथ मिलकर कार्यान्वित किया जाता है.

मानवता का एजेंडा 

लिविंग लाइब्रेरी प्रोजेक्ट संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के मानवता के एजेंडा को ध्यान में रख कर बनाया गया है, इसमें शामिल है–
I. युद्ध के नियम का सम्मान करना.
II. किसी को भी पीछे नहीं छोड़ना.
III. आवश्यकता को पूरा करने के लिए अलग तरीके से काम करना.
IV. मानवता में निवेश करना.

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